दिन में सपने देखने का तात्पर्य यह है कि आप अपने बेहतर भविष्य के लिए कोई लक्ष्य बनाएं। फिर उसको पूरा करने के लिए योजनाएं बनाएं। रास्ते में आने वाली बाधाओं का डटकर सामना करें और जब तक आप मंजिल तक पहुंच न जाएं, अपनी कोशिश जारी रखें। वाकई देखा जाए तो रात में सपने सभी देखते हैं, पर जीवन में वहीं इंसान महान और सफल बनता है, जो दिन में खुली आंखों से सपने देखता है। दिन में सपने देखने वाले ही मंज़िल तक पहुचने के लिए व्यवस्थित योजनायें बनाते हैं और सफल भी होते हैं।
दिन में देखे गए सपने के आधार पर ही यह निर्धारित होता है कि आप जीवन में कितनी तरक्की करेंगे। संघर्ष करने की आपकी क्षमता का निर्धारण भी इसी से होता है, साथ ही इस बात का भी आकलन होता है कि लक्ष्य प्राप्ति के रास्ते में आई विपरीत परिस्थितियों को भी अपने अनुकूल करने की आपकी कितनी इच्छा है।
दिन में देखे गए सपनों को पूरा करने के लिए इन चरणों पर ध्यान दें:
1. अगर आपने खुली आंखों से कोई सपना नहीं देखा है, तो आपका जीवन जीने का कोई मकसद नहीं है। रात में तो सपने सभी देखते हैं, आप दिन में देखें। लक्ष्य बनाएं और आगे बढ़ें। अगर आप लक्ष्य नहीं बनाएंगे तो जीवन में आगे बढ़ने का हौसला भी आपको नहीं मिलेगा।
2. लक्ष्य बनाते ही कोशिश शुरू कर दें। सब कुछ सिर्फ भाग्य पर छोड़ देने से ही बात नहीं बनती। मनुष्य हो या कोई अन्य जीव, कुछ पाने के लिए मेहनत तो करनी ही पड़ती है। आप चाहे जिस भी क्षेत्र से संबंधित हों, लक्ष्य को पाने के लिए परिश्रम करें और रिस्क लें। रिस्क लेने वाले ही सफलता के पायदान पर ऊपर चढ़ते हैं।
3. अपनी कोशिश को एक निश्चित दिशा दें। विचार कर लें कि अपने सपने को वास्तविक रूप देने के लिए आपको किस दिशा में चलने की आवश्यकता है। उस रास्ते का एक नक्शा तैयार कर लें। इससे आपके लिए आगे बढ़ना आसान हो जाएगा।
4. बड़े लक्ष्य को छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांट लें। फिर एक-एक करके उनको प्राप्त करने की कोशिश करें। इस तरह छोटे-छोटे लक्ष्यों को प्राप्त करते-करते आप एक दिन बड़े लक्ष्य को भी प्राप्त कर लेंगे। इस व्यवस्था से आप अपने लक्ष्य पर फोकस्ड रहने में भी सफल रहेंगे।
5. सिर्फ रुटीन बनाने से ही बात नहीं बनती, बल्कि उसका पालन करना भी बहुत जरूरी होता है। वाकई अनुशासन के बल पर ही किसी काम में आपकी सफलता निर्धारित होती है। काम और आराम का एक रुटीन बनाएं और अपनी दिनचर्या को उसके हिसाब से ढाल लें।
6. अपनी सारी एनर्जी अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगा दें। चाहे कुछ भी हो जाए, अपने लक्ष्य से न भटकें। अगर आप दो नावों पर सवार होंगे, तो कहीं के नहीं रहेंगे।
7. विपरीत परिस्थितियों में भी हमेशा आगे बढ़ने का हौसला रखें।
8. आप चाहे छोटे लक्ष्य को प्राप्त करें या बड़े लक्ष्य को, उस आनंद का अनुभव ज़रूर करें। इससे आपको अपने अगले लक्ष्य के लिए ऊर्जा मिलती रहती है। हमेशा याद रखिए,
Credit: Story by Krsuman.com“सपने वो नहीं होते ,जो आप सोने के बाद देखते हैं,सपने तो वो होते हैं, जो आपको सोने ही नहीं देते।”
